शिमला : हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 16 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया. शिक्षक दिवस के मौके पर राजधानी शिमला में राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया. इस मौके पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे. सीएम कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए. इनमें 15 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें इस साल के प्रदेश के सर्वोच्च शिक्षक सम्मान राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना गया, जबकि कमल किशोर, जिन्हें पिछले साल राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. उन्हें इस साल सरकार राज्य स्तरीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. शिमला के घणाहट्टी स्कूल के प्रधानाचार्य सतीश कुमार, कुपवी स्कूल के प्रवक्ता (अर्थशास्त्र) राय सिंह रावत, जिला मंडी के भंगरोटू स्कूल के डीपीई विनोद कुमार, गोहर स्कूल के डीएम चमन लाल, कांगड़ा के पलियार स्कूल के प्रवक्ता हिंदी कुलदीप सिंह, सोलन के रामपुर स्कूल के टीजीटी मेडिकल प्रदीप कुमार, सिरमौर के लाणा मियून स्कूल के टीजीटी नॉन मेडिकल निशिकांत, ऊना के बसाल स्कूल के ओटी चमन लाल, बिलासपुर के कोटला स्कूल की जेबीटी अच्छरा लता, हमीरपुर के पालविन स्कूल के जेबीटी मोहन लाल शर्मा, जिला कुल्लू के बरान स्कूल के प्रधानाचार्य गजेंद्र सिंह ठाकुर, मंडी के धरोटधार स्कूल के टीजीटी नॉन मेडिकल हरीश कुमार ठाकुर और जिला सिरमौर के सारहन स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया.
वहीं राज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने सभी शिक्षकों को बधाई दी. व इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ऐसा लग रह है कि जैसे मेरा सम्मान हुआ है. उन्होंने कहा कि शिक्षक का स्थान सबसे ऊंचा होता है, यहां पर जो भी शिक्षक सम्मानित हुए हैं उन्होंने पाठ्यक्रम और किताबों से बाहर निकलकर बेहतरीन कार्य किया है. राज्यपाल ने कहा कि अच्छा इंसान बनाने के लिए शिक्षा की जरूरत होती है और संस्कार युक्त शिक्षा ही दी जानी चाहिए.
