मंडी। मंडी जिला में नशे के अवैध कारोबार से बनाई 61.30 लाख की संपत्ति अटैच कर दी गई है। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति पर शिकंजा कसते हुए वर्ष 2025 से 31 अक्तूबर, 2026 तक छह मामलों में आरोपियों की 61 लाख 30 हजार 757 रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। करीब 70 लाख 56 हजार रुपए की संपत्ति अटैच करने के मामलों में सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि होना अभी बाकी है। इसके अलावा वर्ष 2026 में वित्तीय जांच से जुड़े 70 मामले विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन हैं। सोमवार को पुलिस लाइन के सभागार में उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र समिति की समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि मंडी पुलिस ने इस वर्ष पहली जनवरी से 31 अक्तूबर तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 274 मामले दर्ज कर 438 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 418 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। दर्ज मामलों में हेरोइन के 93, चरस के 143, अफीम व अफीम डोडा के सात और एमडीएमए, नशे के सेवन तथा अन्य श्रेणियों के 11 मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अवैध अफीम व भांग की खेती के 20 मामले दर्ज किए गए हैं। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 34 मामले पुलिस मुख्यालय के माध्यम से एडवाइजरी बोर्ड को भेजे गए हैं। इनमें वर्ष 2026 के 25 मामले शामिल हैं, जबकि छह आरोपियों के डिटेंशन आदेश जारी हुए हैं।
तस्करों पर संपत्ति पर प्रहार
अवैध भांग की खेती के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। सितंबर में 39,705 और अक्तूबर में 34,644 भांग के पौधे नष्ट किए गए। अक्तूबर में पुलिस ने 112.05 ग्राम हेरोइन और 7.765 किलोग्राम चरस बरामद की। सितंबर में 87.69 ग्राम हेरोइन, 2.649 किलोग्राम चरस, 1.185 किलोग्राम अफीम डोडा और 937 ग्राम भुक्की पकड़ी गई।
शिक्षण संस्थानों में वॉकथॉन
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि नशामुक्त मंडी-स्वस्थ मंडी अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा। शिक्षण संस्थानों में जागरूकता गतिविधियों और वॉकथॉन के आयोजन पर भी जोर दिया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार मौजूद रहे।
