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शिमला। हिमाचल प्रदेश और पंजाब के हजारों निवेशकों से क्रिप्टोकरंसी में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने चंडीगढ़, मोहाली और जीरकपुर में कई ठिकानों पर छापेमारी कर 72 लाख नकद जब्त किए हैं। इस कार्रवाई में मामले के मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा के करीबी अतुल सूद को गिरफ्तार किया गया है। उसे शिमला स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच नवंबर तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया। ईडी के अनुसार छापेमारी के दौरान संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज कई डिजिटल उपकरण और बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। अतुल सूद सुभाष शर्मा का करीबी सहयोगी था। वह दुबई जाकर सुभाष शर्मा से मिला था और उसके लिए सम्मेलन तथा दूसरे कार्यक्रम आयोजित करने में शामिल था। यह गतिविधियां धोखाधड़ी की योजना के संबंध में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी जारी रहीं। ईडी ने यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 (1) के तहत की है।

ईडी की जांच हिमाचल प्रदेश और पंजाब पुलिस की ओर से सुभाष शर्मा और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कोरवियो कॉइन (केआरओ) के नाम पर मल्टी लेवल मार्केटिंग योजना चलाई। इसमें निवेशकों को ऊंचे और निश्चित रिटर्न का भरोसा देकर पैसा लगाया गया। यह योजना पोंजी मॉडल पर काम कर रही ईडी को मिले डिजिटल रिकॉर्ड के अनुसार, इस योजना से 2.48 लाख से अधिक यूजर प्रभावित हुए। इसमें 219 मिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक के लेनदेन हुए और निवेशकों को करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। इस मामले में ईडी इससे पहले 13 दिसंबर, 2025 और 15 जून, 2026 को भी छापेमारी कर चुकी है। ईडी ने मामले में सुभाष शर्मा के सहयोगियों हेमराज, सुखदेव, अभिषेक, मिलन और मासूम जुनेजा को गिरफ्तार किया था।

निवेशकों से नकदी लेकर आरोपियों तक पहुंचाया पैसा

जांच में यह भी सामने आया कि नए निवेशकों से जुटाई गई अधिकांश रकम नकद के रूप में ली जाती थी। अलग-अलग टीमों के प्रमुखों के माध्यम से यह पैसा आगे पहुंचाया जाता था और अंत में सुभाष शर्मा तथा उसके सहयोगियों तक जाता था। इनमें विजय कुमार जुनेजा और मासूम जुनेजा के नाम भी सामने आए हैं। निवेशकों से मिली रकम का एक छोटा हिस्सा कई बैंक खातों, फर्जी कंपनियों और बिचौलियों के माध्यम से आगे भेजा गया।

By admin

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