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शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध राज्य बनाने की घोषणाएं करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश में वर्तमान में कोई औद्योगिक नीति ही नहीं है। इसके चलते 30,000 से ज्यादा छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रदेश की औद्योगिक नीति गत वर्ष 31 दिसंबर को समाप्त हो गई है, जिसकी अवधि सरकार द्वारा तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। सुक्खू सरकार की न कोई प्राथमिकता है और न ही विजन है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते दो दिनों में लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी को सेवा विस्तार देने और हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया को अकारण रद्द करने के मामलों में हाईकोर्ट के फैसलों ने सरकार की कार्यप्रणाली को उजागर किया है। जनहित के नाम पर जिस तरीके से मित्रहित की योजना चल रही है, वह पूरा प्रदेश देख रहा है।

व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार की नीयत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियों और संवैधानिक आयोगों के पदों पर होने वाली भर्तियों में शुचिता और पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसी तरह जल शक्ति विभाग के एक अधिकारी को दिए गए सेवा विस्तार पर उच्च न्यायालय ने सवाल उठाते हुए उनके सेवाकाल को देखते हुए किसी भी महत्त्वपूर्ण कार्य से वंचित रखने का आदेश भी दिया।

हाटी समुदाय और अर्की के लोगों से मिले जयराम

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हाटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर के साथ मुलाकात की। इस दौरान जयराम ने कहा कि यह प्रसन्नता और संतोष का विषय है कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने के लिए किए गए प्रयास सफल हुए और लगभग 60 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद समुदाय को उनका अधिकार प्राप्त हुआ। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष से अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने सोलन जिला भाजपा अध्यक्ष रतनपाल सिंह और पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा के साथ भेंट की।

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