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शिमला। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को प्रदेश भर से आए पेंशनरों ने राजधानी के चौड़ा मैदान में धरना प्रदर्शन किया। सुबह 11:00 बजे लंबित देनदारियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही यहां से गुजर रहे विधायकों की गाड़ियां भी रोक दीं। सड़क पर प्रदर्शन कर रहे पेंशनरों को देखने के बाद विधानसभा आ रहे भाजपा विधायक प्रकाश राणा को गाड़ी वापस मोड़नी पड़ी। इन्हें बाद में बालूगंज क्रॉसिंग होते हुए रवाना होना पड़ा। वहीं विधायक रीना कश्यप को भी गाड़ी से उतरना पड़ा। विधायक पैदल ही विधान सभा के लिए पहुंची। प्रदर्शन के दौरान पेंशनर नेताओं ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला और लंबित देनदारियों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

संयुक्त संघर्ष समिति के चेयरमैन सुरेश ठाकुर ने सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं और मित्र मंडली को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि वित्तीय संकट के बावजूद अत्यधिक संख्या में बोर्डों और निगमों में अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की अनावश्यक नियुक्तियां की गईं। बहुत सारे राजनीतिक सलाहकार रखे गए। अंधाधुंध ढंग से सहायक अधिवक्ताओं और उप-अधिवक्ताओं की नियुक्तियां की गई हैं। इस कुप्रबंधन के चलते पेंशनरों की सभी देनदारियां और वित्तीय लाभ लटक गए हैं।
पेंशनरों ने उठाई अपनी दस मांगें
पेंशनरों ने 10 प्रमुख मांगों को भी उठाया। कहा कि एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित ग्रैच्युटी, कम्युटेशन व लीव इनकैशमेंट का भुगतान अभी तक लंबित है। पेंशनरों ने इसे जारी करने की मांग की। छट्ठे वेतन आयोग की शेष राशि (एरियर) जारी करने की मांग उठाई। कहा कि पिछली सरकार ने एरियर की एक पचास हजार रुपए की किस्त दी है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को वो भी नहीं दी गई है। इसके कारण पेंशनरों में आक्रोश है। पेंशनरों के चिकित्सा भत्ते बिलों का पिछले कई वर्षों से भुगतान नहीं हुआ है। कई पेंशनभोगी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं और लाखों रुपए खर्च कर चुके हैं। कुछ पेंशनर्स स्वर्ग सिधार चुके हैं। इसके अलावा 13 फीसदी मंहगाई भत्ता व राहत राशि तथा गत कई माह का एरियर का भुगतान अभी लंबित है।

प्रदेश सरकार ने पेंशनरों को हिमकेयर जैसी कैशलैस सुविधा से वंचित कर दिया है। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन के पेंशनरों को समय पर व हर माह की पहली तारीख को पेंशनर नहीं मिल रही है। हिमाचल प्रदेश के पुलिस पेंशनरों के बच्चों को सेना की तर्ज सुविधाएं नहीं मिल रही है। हिमाचल राज्य के बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को अभी तक पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं की गई। इसके साथ ही अर्बन डेवलपमेंट विभाग के पेंशनरों को 01.01.2016 से संशोधित लाभ के लाभ नहीं दिए गए हैं। कार्पोरेट सेक्टर के कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है। कहा कि वर्तमान सरकार कोई न कोई नया बहाना ढूंढ लेती है। एक तरफ आर्थिक संकट का रोना रोती है और दूसरी तरफ चहेतों को खूब रेवड़ियां बांट रही है। पेंशनरों ने कहा कि पेंशनरों व अन्य वर्गों को लाभ न देने के लिए आरडीजी का रोना रो रही है।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 17 राज्यों की राजस्व घाटा अनुदान बन्द किया है। इसके लिए भारत सरकार ने पूर्व में आगाह कर दिया था कि सभी राज्य अपने असीमित खर्चों को कम करें। पेशनरों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार पेंशनरों को उनके अधिकार, उनकी देनदारियां नहीं देती है, पेंशनरों का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। प्रदर्शन को सुरेश ठाकुर, इन्द्र पाल शर्मा,वृज लाल ठाकुर, देवी लाल ठाकुर, देव राज शर्मा, विनोद सूद, डीएस धतवालिया, चमन भाटिया, टीडी ठाकुर, हिम्मत राम शर्मा, चमन पुंडीर, रविन्द्र सिंह राणा, मोहन सिंह ठाकुर समेत कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

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