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शिमला | प्रदेश में सेब सीजन की शुरुआत हो गई है। पहले ही तरह इस बार भी मंडियों में टाइडमैन और रेड जून वैरायटी ने दस्तक दी है। इस सेब को शुरुआत में अच्छा दाम मिला है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की पराला मंडी, भ_ाकुफर, खेससु, निरमंड, रोहडू, नेरवा, सैंज, करसोग, चुराग, कुल्लू, बंजार व आनी आदि क्षेत्रों में सेब ने दस्तक दे दी है। हालांकि अभी सीजन के जोरों से चलने में समय है, मगर फिर भी इसकी शुरुआत टाइडमैन और रेड जून सेब की वैरायटी से हो गई है। यहां मार्केटिंग बोर्ड और उसके तहत आने वाली मंडियों में सेब सीजन के लिए तैयारियां पूरी हो गई हैं। शिमला-किन्नौर एपीएमसी ने अपनी टीमों का भी गठन किया है, जो कि जिला भर में आढ़तियों के लाइसेंस बनाने और लदानियों आदि की व्यवस्थाओं को देखने के लिए फील्ड में निकल गई हैं। इस बार पहले से ज्यादा सख्त नियम रखे गए हैं, ताकि बागबानों के साथ किसी भी प्रकार से ठगी न हो सके।

उन्हें भी यह कहा गया है कि वह लाइसेंसधारक आढ़तियों से ही व्यापार करें। बताया जा रहा है कि कुमारसैन, रामपुर व करसोग बैल्ट से टाइडमैन सेब शिमला व ठियोग की मंडियों में पहुंच रहा है। यहां शिमला की भट्टाकुफर मंडी में टाइडमैन सेब की एक पेटी को 2200 रुपए तक दाम मिला है। यह पहली बार है कि टाइडमैन को इतना अधिक दाम मिला। हिमाचल के अलग अलग क्षेत्रों से मंडियों में नाशपाती आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। शुरुआत में नाशपाती को भी अच्छा दाम मिल रहा है। बताया जा रहा है कि नाशपाती 1400 रुपए पेटी के हिसाब से बिक रही है।

यूनिवर्सल कार्टन का इस्तेमाल करें बागबान

मंडियों में सिर्फ और सिर्फ यूनिवर्सल कार्टन ही आएगा, जिसको लेकर सरकार ने जरूरी निर्देश दे रखे हैं। यहां तक कि अगर कोई बागबान अपने बागीचों में ही सेब को बेचते हैं, तो उनको भी यूनिवर्सल कार्टन का ही इस्तेमाल करना पड़ेगा। इसके लिए सख्ती बरतने को कह दिया गया है, जिसके बाद एपीएमसी ने अपने उडऩदस्ते भी बनाए हैं, जो कि बागीचों तक पहुंचेंगे। इस बार पूरी सतर्कता के साथ काम होगा, ताकि बागबानों को परेशानी न हो।

By admin

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