नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवा भारत की आवाज हैं। इस आवाज को दबाने का प्रयास करने वालों को, चाहे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा सा फिर पीटने वाले पुलिसकर्मी क्यों न हों, जवाबदेह ठहराया जाएगा। राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों से कहा कि वे घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग अपने पास रखें और सबूत उन्हें भेजें। जब यह पूरा मामला खत्म होगा, तब इन सबूतों का इस्तेमाल किया जाएगा और जिन लोगों को सजा मिलनी चाहिए, उन्हें सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि कार्रवाई के दायरे में कोई भी व्यक्ति हो सकता है, चाहे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों, गृह मंत्री अमित शाह हों, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हों या फिर प्रदर्शन के दौरान बच्चों पर हाथ उठाने वाला कोई पुलिसकर्मी। उन्होंने बुधवार को यहां 10 जनपथ के बाहर संवाददाता सम्मेलन में प्रदर्शन में शामिल युवाओं से मुलाकात की और पुलिस की कथित बर्बरता के बारे में उनकी आपबीती सुनी।
उन्होंने खुद युवाओं का परिचय कराते हुए कहा कि यह किसी धर्म, जाति, स्त्री या पुरुष का मामला नहीं है, बल्कि ङ्क्षहदुस्तान की एक आवाज और एक प्रदर्शन है, जिसके सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता। अमित शाह जी, यह हिंदुस्तान है, इसे अच्छी तरह देख लीजिए। आप और प्रधानमंत्री इस आवाज के सामने खड़े हैं। मैं आपको सुझाव देता हूं कि इस आवाज के सामने खड़े मत होइए, क्योंकि इसके सामने कोई खड़ा नहीं हो सकता। मैं पुलिस वालों से प्यार से कहना चाहता हूं।
याचिका की कमियां दूर, दशहरे के बाद होगी सुनवाई
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त और विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं की याचिका को अब औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया गया है। रजिस्ट्री की तरफ से बताई गई तकनीकी त्रुटियां ठीक होने के बाद याचिका को रिट पटिशन नंबर दे दिया गया है। फिलहाल कोर्ट के सिस्टम में सुनवाई की संभावित तारीख 26 अक्तूबर दिख रही है। दशहरा की छुट्टियों के बाद 26 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट का कामकाज दोबारा शुरू होगा। हालांकि, कोर्ट शुक्रवार तक खुला है। ऐसे में अगर याचिकाकर्ताओं के वकील प्रयास करते हैं, तो सुनवाई इस सप्ताह भी हो सकती है। कोर्ट के रिकार्ड के मुताबिक याचिका में दो और याचिकाकर्ताओं टी थिरुमवालावन और सज्जात अहमद किचलू के नाम भी जोड़े गए हैं यानी अब कुल 13 याचिकाकर्ता हैं। विपक्षी नेताओं की इस याचिका में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लागू करने के तरीके पर सवाल उठाया गया है।
ओवैसी भी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी मतदाता सूचियों के एसआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने उनके वकील से लिस्ट मांगी है कि उनकी याचिका से मिलती कौन सी याचिकाएं लंबित हैं।
