Dhan Prapti ke Upay: सप्ताह में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा करने से धन से जुड़ी समस्याओं का निवारण होता है। मान्यता है कि शुक्रवार के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि अनुसार पूजा करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही आर्थिक स्थिति पर इसका शुभ प्रभाव पड़ता है। कहते हैं कि जिस जातक पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है, उसके सभी काम बनने लगते हैं।
वहीं कुछ लोग इस दौरान धन से जुड़े उपाय भी करते हैं, जो आर्थिक संकट से छुटकारा दिलाते हैं। कई बार धन खर्च की अधिकता होने के कारण पैसों से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। समस्याओं का स्तर बढ़ने के कारण व्यक्ति तनाव से घिरने लगता है, जो उसके वर्तमान को प्रभावित करती हैं। ऐसे में धन से जुड़े कुछ उपाय को करने से समस्याओं का निवारण किया जा सकता है। इसी कड़ी में आइए धन प्राप्ति के कुछ उपाय के बारे में जान लेते हैं।
- धन से जुड़ी समस्याओं का निवारण करने के लिए आप एक पीपल के पत्ते पर लाल सिंदूर से ॐ लिखें। इसके बाद उस पत्ते को तिजोरी में रख दें। मान्यता है ऐसा करने से आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है। साथ ही परिवार से दरिद्रता दूर होने लगती है।
- किसी भी मांगलिक कार्यक्रम में सुपारी को पूजा सामग्री में जरूर शामिल किया जाता है। ऐसे में पूजा में उपयोग की गई उस सुपारी को तिजोरी में रख दें। इससे मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है और धन से जुड़ी दिक्कतें दूर होने लगती है।
- अक्सर मांगलिक कार्यों में हल्दी की गांठ का उपयोग किया जाता है। इसे धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि तिजोरी में हल्दी की गांठ को पीले कपड़े में बाधकर रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही घर में बरकत होती है।
- यदि आप धन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। इसके बाद सूर्योदय के समय 11 बार लक्ष्मी सूक्त और श्री सूक्त का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा लगातार 108 दिनों तक करने से धन संबंधी सभी परेशानियों का निवारण होता है।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अशोक वृक्ष की थोड़ी सी जड़ को यदि तिजोरी में रख दें, तो धन का आगमन बना रहता है।
लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का मंत्र
ऊँ महालक्ष्म्यै नमो नमः । ऊँ विष्णुप्रियायै नमो नमः ।।
ऊँ धनप्रदायै नमो नमः । ऊँ विश्वजन्नयै नमो नमः ।।
लक्ष्मी जी का बीज मंत्र
ऊँ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:।।
श्री लक्ष्मी महामंत्र
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।।
