कांगड़ा। मटौर-शिमला फोरलेन पर स्थित घट्टा टोल प्लाजा को यहां से शिफ्ट करने की मांग जोरों से उठ रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विभिन्न पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी एकजुट होकर आवाज उठाई। नियमों को सरेआम धत्ता बताते हुए एनएचएआई ने इस टोल प्लाजा को स्थापित किया है। फोरलेन के शुरुआती प्वाइंट कच्छियारी से मात्र आठ किलोमीटर पर स्थापित टोल टैक्स बैरियर लोगों की जेबों पर सरेआम डाका मार रहा है। लोग कोर्ट -कचहरी तक पहुंच चुके हैं पर कोई भी समस्या को समझ नहीं पा रहा है कि आठ से दस किलोमीटर के सफर के लिए कौन सा टैक्स देना चाहिए। शुक्रवार को इन्हीं शिकायतों के साथ संघर्ष समिति की अगवाई में लोगों ने टोल प्लाजा की सभी लेनों में वाहनों की आवाजाही रोक दी। आंदोलनकारियों ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया। कुछ लेनों पर महिलाएं, तो कुछ में बुजुर्ग ने मोर्चा संभाल लिया। इसके चलते टोल प्लाजा के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

संघर्ष समिति की मांग बिल्कुल स्पष्ट थी कि घट्टा टोल प्लाजा को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को टोल शुल्क से छूट दी जाए। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर और कैमरों को भी कपड़ों व गत्तों से ढक दिया, ताकि वाहनों की स्कैनिंग और टोल वसूली रोकी जा सके। काफी देर तक चले गतिरोध के बाद विधायक पवन काजल और एसडीएम कांगड़ा डा. अंजलि गर्ग ने हस्तक्षेप किया। उनके कहने पर एनएचएआई के अधिकारियों ने कुछ समय के लिए टोल प्लाजा को टोल फ्री किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राहत दी। हालांकि, संघर्ष समिति ने साफ कर दिया कि कुछ समय के लिए टोल फ्री करना उनकी स्थायी मांग का समाधान नहीं है। संघर्ष समिति के सौरभ कौंडल, अभिनव, जिला परिषद सदस्य विनोद बराड़, प्रधान पबी कुमार, सुनील चड्डा सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि यह संघर्ष पूरी तरह गैरराजनीतिक है और इस मंच पर किसी भी तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

टोल प्लाजा पर तीन घंटे चक्का जाम

समिति ने दो टूक कहा कि आंदोलन बातों से नहीं, समाधान से खत्म होगा। जब तक टोल प्लाजा को शिफ्ट करने को लेकर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, भाजपा नेता कुलभूषण चौधरी, वीरेंद्र चौधरी और इशांत चौधरी सहित कई अन्य लोगों ने भी आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद विधायक पवन काजल और एसडीएम डा. अंजलि गर्ग के आश्वासन पर संघर्ष समिति ने 15 नवंबर तक आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।

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