शिमला। शिमला प्रदेश की राजधानी शिमला में त्योहारों के दौरान गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर मिठाइयों की दुकानों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम ने मंगलवार को शहर के बस स्टैंड स्थित प्रतिष्ठित मिठाइयों की दुकानों में दबिश दी तो बेचने के लिए रखे गुलाब जामुन में मरे हुए कॉकरोच पाए गए। इसके अलावा रबड़ भी इनमें मौजूद मिले। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर गुलाब जामुन भी नष्ट करवाए। खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम दोपहर बाद अचानक बस स्टैंड पहुंची। यहां पर विभाग की सह आयुक्त डॉ. विजया और खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा ने पांच मिठाइयों की दुकानों की जांच की।

गुलाब जामुन में कॉकरोच मरे हुए पाए गए
इस दौरान एक दुकान में बेचने के लिए रखे गुलाब जामुन में कॉकरोच मरे हुए पाए गए। इसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर ही 25 किलो गुलाब जामुन भी नष्ट करवाए। इसके बाद दो अन्य दुकानों की जांच की तो पाया कि दुकानों में चाशनी को साफ करने के लिए मिठाई विक्रेता रंगकाट का इस्तेमाल कर रहे है। नियमों के तहत इसका इस्तेमाल किया जाना हानिकारक है। ऐसे में विभाग ने इन संचालकों को लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मानते हुए इन्हें इसका तुरंत इस्तेमाल बंद करने के निर्देश दिए। विभाग के अनुसार यह रंग काट कपड़ों में इस्तेमाल किए जाते है, ऐसे में यदि इस चाशनी का मिठाइयों में इस्तेमाल किया जाए तो लोगों की सेहत पर खिलवाड़ होगा। इसके अलावा सभी दुकानों में स्वच्छता को लेकर भी पुख्ता इंतजाम नहीं दिए थे। उधर, देर शाम तक विभाग ने करीब पांच दुकानों का निरीक्षण किया।

देसी घी के भरे सैंपल

शिमला। खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की टीम ने टुटू भी पहुंची। यहां पर टीम ने कोकोनट बर्फी, कलरड रसगुल्ले और देसी घी के सैंपल भरे हैं। इन सैंपलों को अब जांच के लिए लैब भेजा गया है। विभाग का कहना है कि अगर यह सैंपल फेल आते तो सिविल व क्रिमिनल केस के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पांच दुकानों का किया निरीक्षण, जारी होंगे नोटिस
त्योहारी सीजन को लेकर बस स्टैंड में मिठाइयों की दुकानों का निरीक्षण किया गया। सभी पांच दुकानों में नियमों की अवहेलना पाई गई है। इसके अलावा पच्चीस किलो गुलाब जामुन मौके पर ही नष्ट करवाए हैं, ताकि खराब गुलाब जामुन को यह लोगों को न बेच सकें। इन सभी को अब विभाग नोटिस जारी करेगा।– डॉ. विजया, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग।

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