चंबा। मणिमहेश यात्रा मार्ग भारी तबाही हुई है। बताया जा रहा है बादल फटने के कारण मणिमहेश नाले में आई बाढ़ से रास्ते व पुल बह गए हैं। प्रशासन ने आज वीरवार को भी 3280 लोगों को रेस्क्यू किया है, इनमें 280 बच्चे शामिल हैं।
मणिमहेश यात्रा के दौरान 18 वर्षीय अमन निवासी सुजानपुर जिला पठानकोट और 18 वर्षीय रोहित पुत्र सोहन लाल निवासी पठानकोट की मौत हो गई। रोहित का शव आज हेलीकॉप्टर में चंबा पहुंचाया गया है और उसके पिता को सौंप दिया गया है।चंबा से भरमौर एनएच का नामोनिशान मिट गया है। कई जगह भूस्खलन के कारण सड़क बिल्कुल गायब है। तो कुछ जगह रावी नदी में एनएच का निशान बाकी नहीं छोड़ा है। हजारों श्रद्धालुओं को प्रशासन रेस्क्यू करने में जुटा हुआ है।
चार दिन से चंबा व भरमौर में मोबाइल नेटवर्क व इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के कारण कोई अपडेट नहीं आ पा रहा था। वीरवार दोपहर बाद भरमौर से पैदल बनीखेत तक पहुंचे श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग व चंबा भरमौर एनएच की हालत बयां की है।

मणिमहेश से श्रद्धालु 80 किलोमीटर से ज्यादा तक पैदल चलकर चंबा पहुंचे हैं। हाईवे का नामोनिशान नहीं है। मलबे व खाई में से जान जाेखिम में डालकर श्रद्धालु चंबा पहुंचे। चंबा से आगे का मार्ग एकतरफा यातायात के लिए बहाल हो गया है।

चंबा भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गिरा भारी मलबा। चार दिन बाद भी इस सड़क को बहाल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा सका है।

चंबा से भरमौर के बीच में मिटा राष्ट्रीय राजमार्ग का नामोनिशान व पैदल जा रही महिला। चंबा से भरमौर के बीच एनएच कई जगह से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है।
सरकार व प्रशासन के विरुद्ध आक्रोशित श्रद्धालु
पैदल लौट रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन व सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं दी गई। उन्होंने स्थानीय लोगों का धन्यवाद किया, जिनकी बदौलत वह सुरक्षित हैं। बनीखेत पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि भरमौर से पीछे यात्रा मार्ग पर बहुत नुकसान हुआ है। गुरदासपुर के श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें एक जेसीबी मशीन तक नहीं दिखी। सरकार व प्रशासन सोए हुए हैं।
