नई दिल्ली | कांग्रेस ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से कथित रूप से धन उगाही के संबंध में बंगलुरु में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस सांसद और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि इसने भाजपा के असली चरित्र को बेनकाब कर दिया है। धन उगाही का यह मामला कुल 8000 करोड़ का है। रविवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंघवी ने कहा कि भाजपा की योजना भयावह थी और चुनावी बॉन्ड ने कुछ फर्मों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ अपने मामले को आसान बनाने या हिरासत से बाहर निकलने में मदद की थी। उन्होंने सीतारमण के इस्तीफे की भी मांग की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री सहित भाजपा की योजना भयावह थी। खासकर तब, जब इस एफआईआर ने भाजपा की असली पहचान उजागर कर दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने पिछले एक साल में चुनावी बॉन्ड से जुड़ी हुई कई कहानियां, नाम और किस्से पब्लिश किए हैं, जिनमें कई सारे तथ्य भी हैं। उन स्टोरीज में बताया गया है कि कैसे किसी कंपनी या व्यक्ति ने कब और किसने इलेक्टोरल बॉन्ड लिया।
कई मामलों में पहले जांच एजेंसियों ने छापे मारे और फिर उन कंपनियों द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड लिया गया। ऐसा भी देखा गया कि इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने के बाद उन मामलों में जांच धीमी हो गई। सिंघवी ने आरोप लगाया कि मामले से संबंधित कुल आंकड़ा 8,000 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि इसमें भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं की भी संलिप्तता की जांच होनी चाहिए। सिंघवी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वित्त मंत्री ने अकेले फैसला लिया और यह फैसला शीर्ष अधिकारियों द्वारा लिया गया होगा। चुनावी बॉन्ड योजना भाजपा की जबरन वसूली वाली योजना है।
भाजपा ने नहीं माने थे आरबीआई-सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
कांग्रेस नेता सिंघवी ने कहा कि चुनावी बॉन्ड के जरिए भाजपा ने जमकर काली कमाई की है और इससे पर्दा न उठे, इसको लेकर लगातार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने चुनावी बॉन्ड मामले में रिजर्व बैंक, सुप्रीम कोर्ट आदि के निर्देशों को भी नहीं माना। यहां तक कि इसको लेकर जो विधेयक लाया गया, उसे धन विधेयक बनाकर राज्यसभा में आने से रोक दिया।
