मंडी। प्रदेश की कांग्रेस सरकार आपदा प्रभावितों के साथ भेदभाव कर रही है। कहीं मामूली नुकसान पर भी एक लाख रुपए की राशि बांटी गई, तो कहीं पूरे घर तबाह होने के बावजूद जायजा लेने के लिए पटवारी तक नहीं पहुंचा। कांग्रेस सरकार को यह वेदना महसूस नहीं हो रही है। इनके मंत्री और सीपीएस सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं। जयराम ठाकुर का कहना है कि अरबों रुपए की राशि राहत कोष में जमा हो चुकी है, तो फिर क्यों यह राशि खर्च नहीं की जा रही है। आपदा में प्रभावितों के साथ ये भेदभाव क्यों किया जा रहा है कि कहीं 5-5 हज़ार, तो कहीं 1-1 लाख रुपए की राशि नकदी के रूप में दी जा रही है।शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के तहत रोड और जैंशला पंचायत में भारी बरसात से प्रभावित इलाकों पहुंचकर प्रभावितों के बीच कहा कि आपदा से नुकसान इतना ज्यादा हुआ है कि उसकी भरपाई न राज्य सरकार कर पाएगी, न केंद्र। लोगों की हजारों एकड़ कृषि और बागबानी भूमि भूस्खलन के कारण बह गई है, जिसे मूल रूप में लौटाना असंभव है। सडक़ें दो माह से बंद पड़ी हैं, लेकिन उनको खुलवाने तक की जहमत कई दिनों तक नहीं उठाई। लोग कह रहे हैं, सरकार का कोई प्रतिनिधि मिलने नहीं आया। उन्होंने कहा कि मैंने उपायुक्त को फोन कर तुरंत मनरेगा के काम प्रभावित इलाकों में शुरू करने को कहा है।
जैंशला-रोड-घुमराला में प्रभावितों की समस्याएं सुनीं’
शुक्रवार को सराज विधानसभा क्षेत्र की रोड पंचायत घुमराला और जैंशला में बरसात से प्रभावित गांव पहुंचकर नेता प्रतिपक्ष ने प्रभावितों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने जैंशला में भूस्खलन की चपेट में प्राण गंवाने वाले दो लोगों के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और 25-25 हज़ार रुपए की राशि उन्हें वितरित की। अधिकारियों को पंडोह से कल्हनी, जंजैहली से छतरी आदि रूटों पर बसें शुरू करने को कहा है।
